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क्या जिम्मेदार बनना इतना मुश्किल है?

महाराष्ट्र में कोरोना के मरीजों की संख्या 2064 हुई

मुंबई – तृप्ति निंबुलकर

महाराष्ट्र में कॅरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 2064 हुई। 12 घंटे में 82 नए मरीज पाये गए हैं ।

पुणे 3
मुंबई 59
मालेगाव 12
ठाणे 5
वसई – विरार 1
पालघर 2

कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है इसके बावजूद भी अब भी कुछ लोग इतने गैर जिम्मेदार है कि अपने साथ अपने परिवार की जिंदगी खतरे में डाल रहे है।

हम आप से एक सवाल पूछ रहे है क्या जिम्मेदार व्यक्ति बनना इतना मुश्किल है?
आज जिस तरहा से पूरी दुनिया COVID 19 के हमले जूझ रही है. वही भारत भी इससे अछूता नहीं है
जिस तेजी से ये वायरस देश मे मरीजों की संख्या बढ़ा रहा है. उसे देख ये नहीं कहा जा सकता के हम कब तक इस बीमारी से बच पाएंगे.
बात करते है महाराष्ट्र की. 11 मार्च से शुरू हुई ये जंग अब तक कई लोगों को अपने चपेट मे ले चुकी है. कई लोग अपनी जान गवा चुके है. महाराष्ट्र मे आज की तारिक मे कोरोना बाधित लोगों का आंकड़ा 2064 पर पोहच चुका है. और मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है हाल तो ये है, के मरने वालों के घर वालों को उनकी अंतिम संस्कार के लिए भी काफी मशकत करनी पड़ रही है।


राज्य सरकार, ऑफिसर,पुलिस, डाक्टर, अत्यवाश्यक सेवा देने वाले अपनी जान जोखिम मे डाल कर लोगों की मदत करने अपने घर से बाहर निकल कर जिम्मेदारी निभा रहे है वही दूसरी तरफ इस लोकडाउन को कुछ लोग मजे करने का वक्क्त समझ कर रास्तों पर घूम रहे है. खुद की ज़िन्दगी खतरे मे डाल ही रहे है साथ ही अपने परिवार, दोस्तों और मोहल्ले वालों के लिए भी खतरा पैदा करने का काम कर रहे है।


सरकार की गुजारिश के बावजूद, के सभी अपने घरों मे रहे, बिना वज़ह बाहर ना निकले, किसी भी व्यक्ती के संपर्क मे ना आए, लेकिन कुछ लोग इस बात को लेकर चिंतित होते दिखाई नहीं दे रहे. उन सभी को हमारी तरफ से भी गुजारिश है, के आज इस जंग को जीतने के लिये पूरी सरकार और यंत्रणा लगी हुई है, उस जंग से हारने के जिम्मेदार कल हम ही होंगे.
यह वो जंग है जिसे बाहर से जितने के लिए हमने अपने आप को घरों मे बंद करना ज़रूरी है कहीं ऐसा ना हो जाए के आपकी इस गैरजिम्मेदार हरकत का मुआवजा पूरे देश को भुगतना पड़े।

क्यू हम दिए हुए कानून का सम्मान नहीं कर सकते?
क्यु आपकी जान के लिए सरकार को आप को बार बार ये बताना पड़ रहा है?
क्यु हम अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदारी नहीं ले पा रहे..?
क्यु उन पुलिस वालों को इतने सक्त कदम उठाने पड़ रहे है, क्या यहा बिना डंडे कोई इस वक़्त कुछ सुनाना नहीं चाहता ?

जरा सोच के देखो, वो सब जो इस वक्क्त पूरे देश के लिए लड़ रहे है, उनके घर भी कोई उनका रास्ता देखते खड़े है. जिनको एक नज़र देखने हफ़्तों से उनकी आंखे तरस गई है. इस डर से जी रहे है के अपनी ड्यूटी के जिम्मेदारी पूरी करते करते वो वापस घर आपाएंगे भी या नहीं.

सिर्फ एक बार आप अपने लिए नहीं बल्कि अपनों के लिए, उन सब के लिए जो अपना फ़र्ज़ निभाने रास्तों पर डट के खड़े है सिर्फ आपकी सुरक्षा आपकी ज़िन्दगी के लिए. उन लोगों के लिए सोचिए.
जिम्मेदार बनना इतना मुश्किल भी नहीं है दोस्तों. जरा सी समझदारी और इंसानियत से हम इस COVID 19 की जंग को जीत सकते है.

सतर्क रहिए , सुरक्षित रहिए, जिम्मेदार बनिये और अपने घरों मे रहिए.

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