होम News जीएसटीएन ने नए जीएसटी रिटर्न (ट्रायल) का आॅनलाइन संस्करण जारी किया

जीएसटीएन ने नए जीएसटी रिटर्न (ट्रायल) का आॅनलाइन संस्करण जारी किया

जीएसटीएन ने नए जीएसटी रिटर्न (ट्रायल) का आॅनलाइन संस्करण जारी किया

मुंबई -संवादाता

वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने नए जीएसटी रिटर्न के हिस्से के रूप में आज करदाताओं का परिचय कराने के लिए नए रिटर्न के जीएसटी एएनएक्स-1 तथा जीएसटी एएनएक्स-2 के ऑनलाइन संस्करण को जारी किया। यह नई सुविधा जीएसटी पोर्टल www.gst.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है।
नए जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की प्रस्तावित प्रणाली में एक साधारण करदाता को मासिक अथवा त्रैमासिक आधार पर फॉर्म जीएसटी आरईटी-1 (सामान्य) (मासिक अथवा त्रैमासिक आधार पर) अथवा फॉर्म जीएसटी आरईटी-2 (सहज) / फॉर्म जीएसटी आरईटी-3 (सुगम) (दोनों त्रैमासिक आधार पर) फाइल करना होगा। आपूर्ति का अनुलग्नक (जीएसटी एएनएक्स-1) तथा इनवार्ड आपूर्ति का अनुलग्नक (जीएसटी एएनएक्स-2) को भी इन रिटर्न के हिस्से के रूप में अपलोड किया जाना आवश्यक होगा। नए रिटर्न आॅफलाइन टूल में और अधिक सुधार के लिए प्रस्तावित नई रिटर्न प्रणाली से हितधारकों का परिचय कराने तथा उनका फीडबैक/सुझाव प्राप्त करने के लिए आॅफलाइन टूल का प्रायोगिक संस्करण इस वर्ष जुलाई में जीएसटी पोर्टल पर जारी किया गया था।
अभी तक करदाता, फाॅर्म जीएसटी एएनएक्स 1 को तैयार करने तथा जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करने के लिए नए रिटर्न आॅफलाइन टूल का उपयोग कर सकते थे। वे जीएसटी एएनएक्स 2 जेएसओएन फाइल (प्राप्तकर्ता के रूप में इनवार्ड आपूर्ति का विवरण) को डाउनलोड भी कर सकते हैं तथा इसे टूल में इम्पोर्ट कर सकते हैं। तब वे अपने खरीद विवरण को इम्पोर्ट कर सकते हैं तथा आपूर्तिकर्ता द्वारा रिपोर्ट न की गई अथवा गलत तरीके से रिपोर्ट की गई खरीदों की पहचाने करने के लिए इसकी जीएसटी एएनएक्स 2 से तुलना करने के लिए आॅफलाइन टूल में इनबिल्ट मैचिंग टूल का प्रयोग कर सकते हैं। मैचिंग टूल के परिणाम के आधार पर वे इन दस्तावेजों को ’स्वीकार’, ’अस्वीकार’ अथवा ’लंबित’ रखने की कार्रवाई कर सकते हैं। वे कार्रवाई के बाद जीएसटी एएनएक्स2 की जेएसओएन फाइल को भी अपलोड कर सकते हैं।
जीएसटी एएनएक्स 1 तथा जीएसटी एएनएक्स 2 के आॅनलाइन संस्करण को जारी करके अब आपूर्तिकर्ता करदाताओं को सीधे जीएसटी पोर्टल पर आॅनलाइन ही अपने फाॅर्म जीएसटी एएनएक्स 1 में बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी), बिजनेस-टू-कंज्यूमर (बी2सी), और रिवर्स चार्ज लगने योग्य आपूर्तियों का विवरण भरने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। आपूर्तिकर्ता करदाता द्वारा इन विवरणों को सुरक्षित करने के बाद, फाॅर्म जीएसटी एएनएक्स 1 का रिकाॅर्ड प्राप्तकर्ता करदाता के जीएसटी एएनएक्स 2 में स्वतः ही चला जाएगा तथा प्राप्तकर्ता करदाता के जीएसटी एएनएक्स-2 की संबंधित टेबल तब स्वतः भर जाएंगी जिनके आधार पर वह फाॅर्म जीएसटी एएनएक्सः2 में आॅनलाइन ’कार्रवाई’(स्वीकार/अस्वीकार/लंबित) कर सकता है।
प्रकाश कुमार, सीईओ-जीएसटीएन ने कहा कि, ‘हमने जीएसटी रिर्टन फाइल करने की आगामी प्रणाली से करदाता का व्यावहारिक परिचय कराने के लिए नई रिटर्न के जीएसटी एएनएक्स-1 तथा जीएसटी एएनएक्स-2 के ऑनलाइन संस्करण को जारी किया है। यह ऑनलाइन संस्करण वास्तविक माहौल में कार्य अनुभव उपलब्ध कराएगा और हम करदाताओं और कर परामर्शदाताओं से जीएसटी एएनएक्स-1 तथा जीएसटी एएनएक्स-2 के ऑनलाइन फीचर का उपयोग करने और जहां कहीं भी आवश्यक हो परिवर्तन/वृद्धि करने में हमारी सहायता के लिए अपनी प्रतिक्रिया साझा करने की अपील करते हैं।
अभी तक हजारों हितधारक इस प्रयोग में हिस्सा ले चुके हैं और उन्होंने स्क्रीनशाॅट अटैच करके तथा ीजजचेरूध्ध्ेमसेिमतअपबमण्हेजेलेजमउण्पदध् पर अन्य संबंधित सामग्री को अपलोड करके अपना फीडबैक दिया है। टूल में सुधार के लिए फीडबैक/सुझाव का विश्लेषण किया गया है तथा उनमें से व्यावहारिक सुझावों को पिछले सप्ताह जारी किए गए आॅफलाइन टूल के दूसरे संस्करण में शामिल किया गया है।
इसके अतिरिक्त, जीएसटीएन ने नई रिटर्नों के आॅफलाइन टूल पर फीडबैक/सुझावों को प्राप्त करने तथा जागरूकता के प्रसार के लिए सीआईआई, फिक्की, एसोचैम तथा पीएचडी चैंबर आॅफ काॅमर्स जैसे औद्योगिक निकायों के साथ भागीदारी की है। अभी तक इस प्रयास के हिस्से के रूप में कर परामर्शदाताओं एवं करदाताओं के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलूरू, हैदराबाद, कोची, गुवाहाटी, चंडीगढ़, पुणे आदि प्रमुख शहरों में 13 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं तथा निकट भविष्य में 15 शहरों में ऐसे और अधिक कार्यक्रमों की योजना है।
नए रिटर्न आॅफलाइन टूल (ट्रायल) पर अधिक विवरण लिंक https://selfservice.gstsystem.in/ पर उपलब्ध है।
जीएसटीएन के बारे में
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) एक खंड 8 (नए कंपनी अधिनियम के अंतर्गत, गैर लाभकारी कंपनियां खंड 8 के अंतर्गत शासित होती हैं) की गैर-सरकारी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। मार्च 2013 में स्थापित इस कंपनी की स्थापना मुख्यतया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के लिए केंद एवं राज्य सरकारों, कर दाताओं तथा अन्य हितधारकों को आईटी अवसंरचना एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए की गई है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Must Read

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का हुआ निधन..

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का हुआ निधन.. मुंबई : कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक अहमद...

ठाणे क्राइम ब्रांच ने एमडी के साथ एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार

ठाणे क्राइम ब्रांच ने एमडी के साथ एक ब्यक्ति को गिरफ्तार किया ठाणे क्राइम ब्रांच ने एमडी के साथ...

चित्रपट से जुड़ी समस्यों को लेकर राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से की मुलाकात – बीजेपी चित्रपट कामगार संघटन के प्रतिनिधि मंडल 

चित्रपट से जुड़ी समस्यों को लेकर राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से की मुलाकात - बीजेपी चित्रपट कामगार संघटन के प्रतिनिधि मंडल 

प्रमोद प्रेमी के साथ भोजपुरी सिनेमा में एंट्री मार रहा है ये हीरो, लग्जरी लाइफ स्टाइल की वजह से दोस्त कहते हैं ‘बी एम...

प्रमोद प्रेमी के साथ भोजपुरी सिनेमा में एंट्री मार रहा है ये हीरो, लग्जरी लाइफ स्टाइल की वजह से दोस्त कहते हैं...

कोरोना टीकाकरण के लिए महाराष्ट्र में टास्क फ़ोर्स की स्थापना

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा की मौजूदा कोरोना की स्तिति को...